एक दिन में पांच बड़ी घटनाएं। हाथी की मौत से मारपीट, मर्डर और गैंगस्टर हत्याकांड का खुलासा
देहरादून। उत्तराखंड में वन्यजीव, कानून व्यवस्था और संगठित अपराध से जुड़ी चार बड़ी घटनाओं ने एक साथ प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
गदरपुर में हाथी की संदिग्ध मौत, देहरादून में वन कार्यालय में मारपीट, रुड़की में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा और सिल्वर सिटी मॉल हत्याकांड में एसटीएफ की गिरफ्तारी इन सभी मामलों में जांच और कार्रवाई तेज कर दी गई है।
गदरपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में हाथी की मौत
उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र के तिलपुरी गांव में एक जंगली हाथी मृत अवस्था में मिला। हाथी का शव तराई केंद्रीय वन प्रभाग के पीपल पड़ाव रेंज क्षेत्र में पाया गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
डीएफओ रमेश चंद तिवारी के निर्देशन में घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। वन विभाग ने साक्ष्य जुटाकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। एहतियातन आसपास के गांवों में सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
देहरादून में वन कार्यालय में मारपीट, दो आरोपी गिरफ्तार
देहरादून के आशारोड़ी रेंज कार्यालय में वन कर्मचारियों के साथ मारपीट, महिला कर्मचारियों से अभद्रता और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है।
वन क्षेत्राधिकारी रविंद्र कुमार वेदवाल की शिकायत पर थाना क्लेमेंटटाउन में वैभव गौड़, सावेज शाह और राखी गौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है।
आरोप है कि आरोपियों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की, सरकारी अभिलेख फाड़े, वाहन क्षतिग्रस्त किए और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। मामले की जांच जारी है।
रुड़की ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा
हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र में 17 फरवरी को गंगनहर पटरी मार्ग के पास मिले शव के मामले में पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर दिया है। मृतक की पहचान घोसीपुरा निवासी प्रदीप (45) के रूप में हुई थी।
पुलिस ने आरोपी विनायक त्यागी (26), निवासी मुजफ्फरनगर (यूपी) को गिरफ्तार किया है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार आरोपी ने शराब के दौरान पैसों के लालच में 20 हजार रुपये लूटने के लिए हत्या की। आरोपी की निशानदेही पर खून से सने कपड़े और लूटी गई रकम बरामद की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।
सिल्वर सिटी मॉल हत्याकांड में एसटीएफ की कार्रवाई
देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में 13 फरवरी को झारखंड के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में एसटीएफ ने जमशेदपुर निवासी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार आरोपी की यूपीआई आईडी से शूटरों के लिए हरिद्वार में बाइक बुक की गई थी। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया गया है।
हालांकि, मुख्य शूटर अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें झारखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
चारों घटनाओं में प्रशासन ने जांच और कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। वन विभाग और पुलिस विभाग दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर करेंगे।
दिगंबर मर्डर केस का खुलासा, तीनों आरोपी गिरफ्तार
देहरादून। राजधानी में बढ़ते आपराधिक मामलों के बीच पुलिस ने रेसकोर्स मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा करते हुए फरार चल रहे तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने आरोपियों को आईएसबीटी के पास हरिद्वार बाईपास रोड से दबोचा। मामले में एक अन्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
गुमशुदगी से हत्या तक
11 फरवरी को संत राम धीमान निवासी शास्त्री नगर, बसंत विहार ने अपने 28 वर्षीय बेटे दिगंबर धीमान की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। दिगंबर 9 फरवरी को कोर्ट में पेशी के लिए गया था और वापस घर नहीं लौटा।
जांच में पता चला कि दिगंबर के कुछ साथी, जिनके साथ वह अक्सर नशा करता था, उसके लापता होने के बाद से अपने घरों से गायब थे। पुलिस को 9 फरवरी की रात एक टैक्सी से संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली, जिसके बाद मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं।
टैक्सी चालक से खुला राज
17 फरवरी को संदिग्ध टैक्सी चालक राज नंदन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने बताया कि हेमंत सेमवाल, आदिल और संजू ने उसकी टैक्सी से एक व्यक्ति के शव को कंबल में लपेटकर चिड़ियापुर के जंगलों में फेंका था। चालक की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से शव बरामद किया, जिसकी पहचान दिगंबर धीमान के रूप में हुई।
पैसों के विवाद में हत्या
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के अनुसार, दिगंबर और आरोपियों के बीच ढाई लाख रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद था। 9 फरवरी को हेमंत ने दिगंबर को रेसकोर्स सी-ब्लॉक स्थित अपने घर बुलाया। वहां तीनों ने साथ बैठकर नशा किया और पैसे वापस मांगने को लेकर विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि गुस्से में आकर आरोपियों ने लोहे की रॉड, हथौड़ा और पेचकस से हमला कर दिया। गंभीर चोटों और अधिक रक्तस्राव के कारण दिगंबर की मौत हो गई।
सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने टैक्सी चालक को 15 हजार रुपये देने का लालच देकर शव ठिकाने लगाने में मदद ली। शव को कंबल में लपेटकर हरिद्वार की ओर ले जाया गया।
रास्ते में हत्या में प्रयुक्त हथियार और मृतक के जूते नेपाली फार्म के पास पुल से नीचे फेंक दिए गए। इसके बाद शव को चिड़ियापुर के जंगल में नहर किनारे रेत में दबा दिया गया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
21 फरवरी को पुलिस ने आईएसबीटी के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड, हथौड़ा और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए।
पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। इस खुलासे के बाद राजधानी में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है, वहीं क्षेत्र में सनसनी का माहौल बना हुआ है।



