बड़ी खबर: PWD के सहायक अभियंता डॉ. गोविन्द सिंह कौण्डल को ‘भारत श्री राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार 2026’

PWD के सहायक अभियंता डॉ. गोविन्द सिंह कौण्डल को ‘भारत श्री राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार 2026’

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लोक निर्माण विभाग (PWD) में कार्यरत सहायक अभियंता डॉ. गोविन्द सिंह कौण्डल को Excellence in Public Service and Social Welfare के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित “भारत श्री राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार 2026” से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान कार्यक्रम उज्जवल भवन, उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL), जी.एम.एस. रोड, देहरादून में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन Institute for Social Reforms and Higher Education (ISRHE),

नीति आयोग, एमएचआरडी भारत सरकार एवं The Institution of Engineers (India) उत्तराखंड स्टेट सेंटर, देहरादून द्वारा किया गया।

मंत्री सुबोध उनियाल ने दी बधाई

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के तकनीकी शिक्षा एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए सभी सम्मानित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का है और वर्ष 2030 तक राज्य जड़ी-बूटी एवं ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करेगा। साथ ही उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और एआई व तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनने के प्रधानमंत्री के संकल्प को दोहराया।

ISRHE की सचिव डॉ. रेशु गुप्ता ने संस्था की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने देश के सामाजिक, तकनीकी और विकासात्मक पहलुओं पर विचार साझा किए।

26 वर्षों की इंजीनियरिंग और समाज सेवा का सफर

डॉ. गोविन्द सिंह कौण्डल पिछले 26 वर्षों से अधिक समय से सिविल इंजीनियरिंग और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

  • जन्म: 14 जुलाई 1978
  • मूल निवासी: ग्राम रामपुर सरना, जौनसार (तहसील चकराता), जनपद देहरादून
  • शिक्षा: हाईस्कूल व इंटरमीडिएट रा.इ.का. डामटा (उत्तरकाशी) से प्रथम श्रेणी, वर्ष 1999 में सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा, वर्ष 2013 में स्नातक

जनवरी 2000 से स्वजल परियोजना में कार्य करते हुए उन्होंने कई गांवों की पेयजल योजनाओं में योगदान दिया। वर्ष 2001 में National Hydroelectric Power Corporation (NHPC) में नियुक्त होकर अरुणाचल प्रदेश की 2000 मेगावाट अपर सुबानसिरी परियोजना में महत्वपूर्ण दायित्व निभाए।

सितंबर 2004 से उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग में सेवाएं दे रहे डॉ. कौण्डल ने पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क, पुल और भवन निर्माण के कई कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराए हैं।

समाज सेवा में भी अग्रणी भूमिका

  • डॉ. कौण्डल विभागीय सेवा के साथ-साथ समाज सेवा में भी सक्रिय हैं।
  • केदारनाथ आपदा के बाद अनाथ बेटियों को छात्रवृत्ति
  • आर्थिक रूप से कमजोर आवेदकों को भवन मानचित्र स्वीकृति शुल्क में सहयोग
  • डीएवी कॉलेज देहरादून छात्रावास व लाइब्रेरी के लिए सहयोग
  • कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों, ओला ड्राइवरों व सामाजिक संस्थाओं को आर्थिक सहायता
  • महाकाल सेना व अन्य संगठनों को राशन किट वितरण में सहयोग

उन्हें लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता द्वारा चार बार प्रशंसा पत्र प्रदान किए जा चुके हैं।

पूर्व में भी मिल चुके हैं कई सम्मान

  • देवभूमि राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार 2025 (Public Service and Social Welfare)
  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन मेमोरियल नेशनल अवार्ड 2025 (Leadership in Civil Engineering and Social Service)
  • गणतंत्र दिवस 2024 पर विशेष सम्मान (ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के कार्यों हेतु)
  • राष्ट्रीय खेल महोत्सव 2025 में प्रशंसा पत्र
  • मथुरा-वृंदावन में दिसंबर 2024 में मानद डॉक्टरेट उपाधि

कार्यक्रम में रहे ये गणमान्य अतिथि

कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, UJVNL के एमडी संदीप सिंघल, IEI के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार, ISRHE के अध्यक्ष डॉ. अतुल कुमार शर्मा, एन.के. यादव, एच.के. उप्रेती, लक्ष्मी दनोसी कौण्डल सहित देशभर से आए सम्मानित अतिथि एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

डॉ. गोविन्द सिंह कौण्डल ने सम्मान प्राप्ति पर सभी सहयोगियों, परिवारजनों और विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी जनसेवा और समाज कल्याण के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहेंगे।