अजबपुर खुर्द में घर में घुसकर हमला। कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
देहरादून के अजबपुर खुर्द क्षेत्र में सड़क पर खड़ी स्कूटी हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक हमले में बदल गया। इस घटना ने शहर में कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
अजबपुर के गणेश विहार निवासी अमित चौहान के अनुसार, उनके घर के गेट के सामने समीर (निवासी शीतला विहार) ने अपनी स्कूटी खड़ी कर दी थी, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो रहा था। जब अमित ने स्कूटी हटाने के लिए कहा तो समीर ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज और धमकी दी।
बताया गया है कि कहासुनी के कुछ समय बाद समीर, राहील और उनके लगभग 20 अन्य साथी अमित चौहान के घर में जबरन घुस आए। आरोप है कि हमलावरों ने अमित, उनके भाई और घर आए अन्य मेहमानों पर जानलेवा हमला किया।
80 वर्षीय पिता के सामने की तोड़फोड़
घटना के दौरान अमित के 80 वर्षीय पिता भी घर में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने हमलावरों को समझाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर नहीं माने। आरोप है कि घर में जमकर तोड़फोड़ की गई और मारपीट में अमित चौहान की टांग टूट गई।
मुकदमा दर्ज, लेकिन सवाल बरकरार
उक्त प्रकरण में संबंधित थाने में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
हालांकि, यह घटना देहरादून जैसे अपेक्षाकृत शांत शहर में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों की ओर इशारा करती है। आए दिन हो रही मारपीट, दबंगई और समूहिक हमलों की घटनाओं से आमजन में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।
व्यापक सवाल
- क्या मामूली विवाद अब सामूहिक हिंसा में बदलते जा रहे हैं?
- क्या स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता पर्याप्त है?
- क्या असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है?
देहरादून में कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन और पुलिस के सामने यह एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।



