उत्तराखंड में अपराधों की बौछार। गोलीकांड, हत्या, साइबर ठगी और फर्जीवाड़े से हड़कंप
देहरादून। उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों से अपराध की कई सनसनीखेज घटनाएं सामने आई हैं। उधम सिंह नगर में युवा कारोबारी को गोली मारने की वारदात से लेकर खटीमा में 65 वर्षीय महिला की हत्या, पिरान कलियर में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले आरोपी की गिरफ्तारी और देहरादून में बुजुर्ग महिला से 3.09 करोड़ की साइबर ठगी इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सभी मामलों में जांच और कार्रवाई का दावा कर रही है।
रुद्रपुर: 25 वर्षीय कारोबारी की कनपटी पर गोली, हालत नाजुक
उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में सिविल लाइन क्षेत्र स्थित दुकान के भीतर 25 वर्षीय कारोबारी ध्रुव चावला संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और फिर हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
घटनास्थल से पुलिस ने एक अवैध पिस्टल बरामद की है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के समय दुकान के सीसीटीवी कैमरे बंद थे। पुलिस आत्महत्या, हादसा या आपराधिक साजिश सभी एंगल से जांच कर रही है। कारोबारी वर्ग में घटना को लेकर दहशत का माहौल है।
हल्द्वानी (कालाढूंगी): फायरिंग और मारपीट में तीन आरोपी गिरफ्तार
नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर हुई फायरिंग और मारपीट के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध पिस्टल, एक तमंचा और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
14 फरवरी 2026 की रात बैलपोखरा तिराहे के पास विवाद के बाद फायरिंग की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। तहरीर के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। एसएसपी नैनीताल ने पुलिस टीम को सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत भी किया है।
खटीमा: घर में अकेली वृद्ध महिला की हत्या, परिवार में शोक
उधम सिंह नगर के खटीमा स्थित देवभूमि कॉलोनी में 65 वर्षीय जानकी चंद का शव उनके घर में खून से लथपथ मिला। महिला घर में अकेली रहती थीं। उनके हाथ और गले पर चोट के निशान पाए गए हैं। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है।
पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए हैं। महिला का बेटा सेना में तैनात है और घटना की सूचना पर घर पहुंचा। परिजनों ने जल्द खुलासे की मांग की है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
पिरान कलियर (रुड़की): फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार
हरिद्वार जिले के पिरान कलियर में जनसेवा केंद्र की आड़ में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनाने वाले 24 वर्षीय आरोपी शहनवाज को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 45 कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र, छह आधार कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल और कई फर्जी मोहरें बरामद की हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी अब तक लगभग एक हजार से अधिक फर्जी दस्तावेज तैयार कर चुका है। उसके खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है।
देहरादून: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 3.09 करोड़ की साइबर ठगी
राजधानी देहरादून में 69 वर्षीय बुजुर्ग महिला से साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई और आईपीएस अधिकारी बताकर 3 करोड़ 9 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने महिला को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया।
महिला ने 9 सितंबर से 30 अक्टूबर 2025 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की। पैसे जुटाने के लिए उन्होंने एफडी तुड़वाई, शेयर बेचे और गोल्ड लोन तक लिया।
साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
कानून-व्यवस्था पर सवाल, पुलिस का सख्ती का दावा
प्रदेश के विभिन्न जिलों में सामने आई इन घटनाओं ने सुरक्षा तंत्र को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
गोलीकांड, हत्या, फर्जीवाड़ा और साइबर ठगी जैसी वारदातें यह संकेत दे रही हैं कि अपराध के तौर-तरीके बदल रहे हैं और पुलिस के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों में गहन जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं आम जनता और व्यापारी वर्ग में सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ



