एक्सक्लूसिव: इधर तीन शिक्षक निलंबित, उधर स्कूल बंद करने का आदेश जारी। दो स्कूलों पर गिरी गाज
रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। जिले में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी और निजी विद्यालयों में अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण में तीन शिक्षकों को निलंबित किया गया है,
वहीं बिना मान्यता संचालित ब्लू डायमंड एकेडमी को तत्काल बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।
औचक निरीक्षण में तीन निलंबित
जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) हरेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा जिले के तीन प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में वित्तीय अनियमितताओं, अभिलेखों में गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही के मामले सामने आए।
13 फरवरी को राजकीय प्राथमिक विद्यालय बेतखेड़ी, बाजपुर में दो अलग-अलग आगमन पंजिकाएं पाई गईं। उपस्थिति रजिस्टर और वित्तीय अभिलेखों में भी गंभीर विसंगतियां मिलीं। स्पष्टीकरण संतोषजनक न मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गई।
इसी प्रकार विकासखंड बाजपुर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मड़ैयाहाट में प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा बिना विधिवत प्रभार हस्तांतरण किए अवकाश पर जाने का मामला सामने आया। पूर्व में जारी नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया।
वहीं खटीमा के इस्लामनगर स्थित विद्यालय में सहायक अध्यापिका कीर्ति राणा की नियुक्ति कूटरचित प्रमाणपत्र के आधार पर संदिग्ध पाई गई। विभागीय जांच में जवाब असंतोषजनक मिलने पर उन्हें भी निलंबित कर उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
बिना मान्यता चल रही ब्लू डायमंड एकेडमी पर कार्रवाई
रुद्रपुर के मलिक कॉलोनी स्थित ब्लू डायमंड एकेडमी के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं।
जांच में पाया गया कि विद्यालय बिना मान्यता के संचालित हो रहा है, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 18 का उल्लंघन है।
पूर्व में भी उप शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय को संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी केएस रावत ने जांच कराते हुए 16 फरवरी को रिपोर्ट प्राप्त की और विद्यालय को तत्काल बंद करने के आदेश जारी कर दिए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यदि प्रबंधन आदेश का पालन नहीं करता है, तो पुलिस प्रशासन के सहयोग से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
साथ ही अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत से पहले जिले में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, जिससे बिना मान्यता संचालित संस्थानों पर रोक लगाई जा सके।
शिक्षा विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से जिले में निजी और सरकारी विद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर स्पष्ट संदेश गया है।



