बिग ब्रेकिंग: चुनाव में मर्यादा जरूरी, नेताओं को दिखाना होगा संयम- सुप्रीम कोर्ट

चुनाव में मर्यादा जरूरी, नेताओं को दिखाना होगा संयम- सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: देश में बढ़ती राजनीतिक तल्ख़ी के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे भाईचारे को बढ़ावा दें और आपसी सम्मान के आधार पर चुनाव लड़ें।

चीफ़ जस्टिस Justice Surya Kant, जस्टिस B. V. Nagarathna और जस्टिस Joymalya Bagchi की खंडपीठ नौ नागरिकों द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के कथित,

“संवैधानिक मूल्यों के विपरीत” भाषणों पर रोक के लिए दिशानिर्देश बनाने की मांग की गई है।

यह याचिका असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के हालिया भाषणों और एक वीडियो के संदर्भ में दायर की गई, जिन्हें एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने वाला बताया गया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal ने दलील दी कि देश में माहौल “विषाक्त” होता जा रहा है और न्यायालय को हस्तक्षेप करना चाहिए। हालांकि, पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि याचिका किसी एक व्यक्ति को लक्षित करती प्रतीत होती है।

इस पर सिब्बल ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ राहत नहीं मांगी गई है और संबंधित संदर्भ हटाए जाएंगे।

कोर्ट ने सुझाव दिया कि याचिका को वापस लेकर संवैधानिक सिद्धांतों पर केंद्रित नई, निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ याचिका दायर की जाए, ताकि किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के विरुद्ध पक्षपात का आभास न हो।

खंडपीठ ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को संवैधानिक नैतिकता, समानता, धर्मनिरपेक्षता और बंधुत्व जैसे मूल्यों का पालन करना चाहिए।

न्यायालय ने यह भी दोहराया कि भारत एक परिपक्व लोकतंत्र है, जहां मतभेद सम्मानपूर्वक व्यक्त किए जाने चाहिए।

वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने यह मुद्दा भी उठाया कि आचार संहिता लागू होने से पहले दिए गए भाषण चुनाव अवधि में भी प्रसारित होते रहते हैं, जिन पर प्रभावी