बिग ब्रेकिंग: गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में एक और नया खुलासा। पढ़ें….

गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में एक और नया खुलासा। पढ़ें….

रिपोर्ट- राजकुमार धीमान
देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में शुक्रवार को झारखंड के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या के बाद अब उसके बाजपुर स्थित स्टोन क्रशर की अनुमति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सामने आया है कि वर्ष 2013 में विजय बहुगुणा सरकार के दौरान “अमृत स्टोन क्रशर प्रा. लि.” को शर्तों के साथ अनुमति प्रदान की गई थी।

यह अनुमति विक्रम के भाई अरविंद शर्मा की कंपनी के नाम पर दी गई थी, जबकि संचालन की जिम्मेदारी उसकी पत्नी सोनिया शर्मा के पास बताई जा रही है।

झारखंड से उत्तराखंड तक अपराध की कहानी

बताया जाता है कि झारखंड में कई आपराधिक मामलों के बाद पुलिस दबाव बढ़ने पर विक्रम शर्मा ने उत्तराखंड का रुख किया। वह देहरादून के सहस्रधारा रोड स्थित ग्रीन व्यू रेजिडेंसी में परिवार के साथ रह रहा था।

विक्रम को झारखंड के कुख्यात अपराधी अखिलेश सिंह का ‘गुरु’ माना जाता था। अपराध जगत में विक्रम रणनीतिकार और अखिलेश उसका क्रियान्वयन करने वाला चेहरा माना जाता था।

2007-08 का खूनी दौर

2 नवंबर 2007 को साकची आमबागान के पास कारोबारी आशीष डे की हत्या के बाद विक्रम का नाम प्रमुखता से सामने आया।

2008 में जमशेदपुर में सिलसिलेवार हत्याओं और फायरिंग की घटनाओं टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या, ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या और पूर्व जज आरपी रवि पर हमले में भी इस गिरोह का नाम जुड़ता रहा। हालांकि कई मामलों में पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर आरोपी बरी हो गए थे।

‘थ्री पी’ फॉर्मूला और राजनीतिक पहुंच

विक्रम शर्मा को अपराध जगत में ‘मैनेजमेंट मास्टर’ कहा जाता था। चर्चा रही कि उसने “थ्री पी” पुलिस, पॉलिटिशियन और प्रेस को साधने की रणनीति अपनाई। 2004 से 2009 के बीच झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में उसकी पहुंच की चर्चाएं होती रहीं।

संपत्ति विवाद और पारिवारिक कनेक्शन

ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा हत्याकांड के बाद उनकी पत्नी पिंकी की शादी विक्रम के छोटे भाई अरविंद से होने पर भी सवाल उठे थे। आरोप लगे कि संपत्ति हड़पने के लिए साजिश रची गई, हालांकि जांच में पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी बरी हो गए।

देहरादून में नई पहचान

पुलिस दबाव के बाद विक्रम ने देहरादून में नई पहचान के साथ रहना शुरू किया। वर्ष 2017 में जमशेदपुर पुलिस ने उसे देहरादून के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था। उसके पास से पैन कार्ड, एटीएम और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे।

अब सिल्वर सिटी मॉल में हुई हत्या के बाद उसके कारोबारी नेटवर्क, खासकर बाजपुर स्थित स्टोन क्रशर की अनुमति और संचालन को लेकर नए सिरे से चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसियां उसके आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं।