बिग ब्रेकिंग:उत्तराखंड कांग्रेस की बड़ी बैठक, 16 फरवरी को होगा राजभवन कूच, जानिए तैयारियां

उत्तराखंड कांग्रेस की बड़ी बैठक, 16 फरवरी को होगा राजभवन कूच, जानिए तैयारियां

देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ते महिला अपराध, बिगड़ती कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

इन्हीं मुद्दों के विरोध में कांग्रेस पार्टी आगामी 16 फरवरी को राजभवन कूच करने जा रही है। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने की। इस दौरान चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत भी मौजूद रहे। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

प्रीतम सिंह ने बताया कि राजभवन कूच को सफल बनाने के लिए कांग्रेस के सभी नेता प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं और आम जनता से संवाद कर रहे हैं,

ताकि अधिक से अधिक लोग इस आंदोलन से जुड़ सकें। कार्यकर्ताओं ने भी नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि वे बड़ी संख्या में जनता को राजभवन कूच में शामिल करेंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार के कामकाज से प्रदेश की जनता में भारी आक्रोश है।

उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और राज्य में हत्या, डकैती, चोरी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला उत्पीड़न के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिनमें कई बार सत्तारूढ़ दल से जुड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं। देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में भ्रष्टाचार चरम पर है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

प्रीतम सिंह ने बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और माफिया राज पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवा सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं, किसान आत्महत्या को मजबूर हैं और प्रदेश में खनन, शराब व भू-माफिया हावी हैं।

वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों का आतंक भी गंभीर समस्या बन चुका है।

कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि 16 फरवरी को होने वाला राजभवन घेराव धामी सरकार की जनविरोधी नीतियों और असंवेदनशील रवैये के खिलाफ कांग्रेस की निर्णायक लड़ाई का प्रतीक होगा। पार्टी सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी।