बिग ब्रेकिंग : उत्तरकाशी में जल जीवन मिशन की पोल, कपड़ों से बांधकर चलाई जा रही पेयजल लाइनें

उत्तरकाशी में जल जीवन मिशन की पोल, कपड़ों से बांधकर चलाई जा रही पेयजल लाइनें

उत्तरकाशी: गाजणा क्षेत्र की धौंतरी उपतहसील के ठांडी गांव में जल संस्थान की कथित लापरवाही के चलते ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं।

कि गांव में जर्जर हो चुकी पाइप लाइनों को कपड़ों से बांधकर किसी तरह पानी की आपूर्ति की जा रही है। पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों में जल संस्थान के प्रति भारी आक्रोश है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत नई पाइपलाइन बिछाने और रखरखाव के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि करीब 1200 की आबादी और लगभग 350 परिवार आज भी बदहाल व्यवस्था के भरोसे जीवन जीने को मजबूर हैं।

ठांडी गांव से सामने आए एक वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि जगह-जगह टूटी हुई पाइप लाइनों को कपड़े से बांधकर पानी की आपूर्ति की जा रही है।

ग्रामीणों ने इस वीडियो के माध्यम से जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से सवाल किया है कि जब योजनाओं में भारी भरकम बजट खर्च किया गया, तो पेयजल आपूर्ति की स्थिति इतनी बदतर क्यों है।

ग्रामीण महेश रावत, गंगा बिशन रावत, अनेश पाल और चत्तर सिंह राणा ने बताया कि कई दशक पहले बिछाई गई पाइप लाइनें अब पूरी तरह सड़-गल चुकी हैं।

बार-बार लाइन टूटने से गांव में आए दिन पानी का संकट खड़ा हो जाता है। मजबूरी में ग्रामीण खुद ही कपड़े बांधकर लीकेज रोकने का प्रयास करते हैं।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक न कोई कर्मचारी और न ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा।

उनका आरोप है कि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।

इस मामले में जब जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं है। हालांकि मामला सामने आने के बाद उन्होंने स्वयं इसका संज्ञान लेकर जांच करने की बात कही है।