UKSSSC में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर दिया गया जोर
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के सभागार में आयोग के समस्त कार्मिकों एवं लोक सेवा आयोग के नामित कार्मिकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (वर्कशॉप) का शुभारंभ मंगलवार, 28 जनवरी 2026 से किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम और सुरक्षित बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्मिकों को परीक्षा संचालन से जुड़ी नई तकनीकों और आधुनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
इसमें विशेष रूप से जैमर के प्रोटोकॉल और उसकी कार्यप्रणाली, बायोमैट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी कैमरा व्यवस्था, पारदर्शी परीक्षा संपादन के लिए नए इनोवेशन, सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) तथा ऑनलाइन आवेदन पत्रों की प्रक्रिया जैसे विषय शामिल हैं।
आयोग अध्यक्ष ने किया कार्यशाला का शुभारंभ
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री जी.एस. मर्तोलिया ने किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को निर्देश दिए कि वे इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान का शत-प्रतिशत उपयोग आयोग के हित में करें, ताकि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को और मजबूत किया जा सके।
पारदर्शी परीक्षाओं की अपेक्षा
इस अवसर पर श्री नवनीत पाण्डेय, अपर सचिव, कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, उत्तराखंड शासन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हों, यह शासन और समाज दोनों की अपेक्षा है।
वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने रखे विचार
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ
- श्री एस.एस. सिंह रौतेला, माननीय सदस्य
- श्री प्रताप सिंह शाह, माननीय सदस्य
- डॉ. शिव कुमार बरनवाल, सचिव
- श्री हिमांशु कफल्टिया, परीक्षा नियंत्रक
ने भी अपने विचार रखते हुए आधुनिक तकनीक के माध्यम से परीक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया।



