रामनगर में वीकेंड जाम बना मरीजों के लिए संकट, कोसी बैराज पर एंबुलेंस फंसी, पुलिस नदारद
रामनगर। वीकेंड के दौरान रामनगर में लगा भारी ट्रैफिक जाम एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहा है।
गंभीर रूप से बीमार पिता को रुद्रपुर में उपचार दिलाकर एंबुलेंस से रामनगर लौट रहे सुनील रस्तोगी को शनिवार को कोसी बैराज के पास घंटों जाम में फंसना पड़ा। जाम के कारण एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे मरीज की हालत को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ती गई।
सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि मौके पर न तो स्थानीय पुलिस, न ट्रैफिक पुलिस और न ही होमगार्ड की कोई तैनाती दिखाई दी। काफी देर तक एंबुलेंस जाम में फंसी रही, बाद में स्थानीय लोगों की मदद से वाहन को रास्ता मिल सका।
सुनील रस्तोगी ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते यह स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि कोसी बैराज और आसपास के प्रमुख मार्गों पर यदि समय रहते पुलिसकर्मी तैनात होते तो मरीज को इस परेशानी से नहीं गुजरना पड़ता।
वीकेंड और पर्यटक दबाव से बिगड़ी व्यवस्था
शनिवार से सोमवार तक लगातार तीन दिन की छुट्टी के कारण रामनगर में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शुक्रवार को हुई बारिश और नैनीताल सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद पर्यटकों की संख्या और बढ़ गई, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर कई घंटे लंबा जाम लगा रहा।
जाम की वजह से न सिर्फ पर्यटक और बाहरी राज्यों से आए लोग फंसे रहे, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एंबुलेंस सहित आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन भी जाम में फंसे रहे।
हर बार बनता है प्लान, जमीन पर नहीं दिखता असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि वीकेंड को देखते हुए प्रशासन हर बार यातायात डायवर्जन का प्लान तो बनाता है, लेकिन उसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जाता, जिसके चलते रामनगर को बार-बार जाम की समस्या झेलनी पड़ती है।
प्रशासन का बयान
इस मामले पर एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्होंने सीओ सुमित पांडे से वार्ता कर संबंधित पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।



