भोजशाला में 10 साल बाद एक ही दिन पूजा और जुमे की नमाज, भारी सुरक्षा में ऐतिहासिक व्यवस्था
मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में करीब 10 वर्षों बाद बसंत पंचमी के अवसर पर पूजा और जुमे की नमाज एक ही दिन शांतिपूर्ण ढंग से कराई जा रही है।
शुक्रवार सुबह सूर्योदय के साथ ही हिंदू श्रद्धालुओं ने वाग्देवी (मां सरस्वती) की पूजा शुरू की, जो सूर्यास्त तक चलेगी। वहीं, परिसर में तय किए गए अलग क्षेत्र में दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी विशेष व्यवस्था
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को धार्मिक अनुष्ठान की अनुमति दी।
कोर्ट के निर्देशानुसार
- हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा, हवन और पाठ की अनुमति
- मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज की अनुमति दी गई
अदालत के आदेश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए।
8000 से अधिक जवान तैनात, ड्रोन और AI से निगरानी
संभावित तनाव को देखते हुए भोजशाला परिसर और पूरे धार शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
- 8000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात
- स्थानीय पुलिस के साथ CRPF और RAF की मौजूदगी
- CCTV कैमरे, ड्रोन और AI आधारित निगरानी सिस्टम से 24 घंटे नजर
- हर गतिविधि पर प्रशासन की कड़ी निगरानी
प्रशासन की शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने दोनों समुदायों से शांति, संयम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी अफवाह या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा।
अतीत में बन चुका है तनाव का माहौल
आमतौर पर बसंत पंचमी पर पूजा और शुक्रवार को जुमे की नमाज की अनुमति दी जाती रही है, लेकिन जब दोनों एक ही दिन पड़ते हैं, तो पहले कई बार विवाद और तनाव की स्थिति बन चुकी है।
इसी वजह से पिछले कुछ वर्षों में ऐसी अनुमति नहीं दी गई थी। इस बार सुप्रीम कोर्ट के आदेश और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह ऐतिहासिक व्यवस्था लागू की गई है।



