बड़ी खबर: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक बयान। इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक बयान। इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

हल्द्वानी। सोशल मीडिया पर कथित रूप से विवादित और आपत्तिजनक भाषा व बयानों के मामले में इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से यह आदेश पारित किया गया। पुलिस कार्रवाई के बाद यह मामला पूरे कुमाऊं क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

ज्योति अधिकारी पर कुमाऊं की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक मंच और सोशल मीडिया पर कुमाऊं की महिलाओं के लिए आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही लोक देवताओं को फर्जी बताते हुए उनकी धार्मिक आस्था पर सवाल खड़े किए गए।

मामला तब और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे खुलेआम दराती लहराती नजर आ रही हैं। इस वीडियो को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

शिकायत के आधार पर हुई गिरफ्तारी

गुरुवार शाम मुखानी थाना पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता जूही चुफाल की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के आधार पर ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार किया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर दिए गए बयानों से क्षेत्र में आक्रोश की स्थिति पैदा हो गई थी और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए त्वरित कार्रवाई जरूरी हो गई थी।

आईपीसी और आर्म्स एक्ट की धाराएं

पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल ज्योति अधिकारी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत याचिका दाखिल किए जाने की संभावना है।

सोशल मीडिया जिम्मेदारी पर बहस तेज

यह मामला एक बार फिर इस बहस को तेज करता है कि सोशल मीडिया पर प्रभाव रखने वाले लोगों की जिम्मेदारी कितनी बड़ी है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलता बनाए रखना कितना जरूरी है, इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।