कैबिनेट मंत्री के पति के बयान से बीजेपी असहज, कांग्रेस ने किया तीखा हमला, मांगी माफी
देहरादून। उत्तराखंड में पहले से ही अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर घिरी भाजपा को एक बार फिर अपने ही नेताओं से जुड़े विवाद के कारण असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें उनके द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो 23 दिसंबर का है, जब गिरधारी लाल साहू अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं से बातचीत करते हुए उन्होंने उनकी शादी को लेकर टिप्पणी की और बिहार का उल्लेख करते हुए विवाह से जुड़ी आपत्तिजनक बात कह दी।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर व्यापक आलोचना शुरू हो गई और भाजपा को भी निशाने पर लिया जाने लगा।
बयान के बाद बढ़ी आलोचना
वीडियो वायरल होते ही विपक्ष ने सरकार पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। पहले से ही अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चर्चा में रही भाजपा के लिए यह मामला और असहजता का कारण बन गया।
गिरधारी लाल साहू की सफाई और माफी
विवाद बढ़ने के बाद गिरधारी लाल साहू ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि वे धौलागढ़ क्षेत्र में एक कार्यक्रम में गए थे, जहां मित्र की शादी को लेकर सामान्य बातचीत हो रही थी।
गिरधारी लाल साहू ने कहा, “मेरे संबोधन को विरोधियों और कांग्रेस नेताओं ने गलत तरीके से पेश किया है। बेटियों के सम्मान के प्रति मेरी भावना हमेशा सकारात्मक रही है। मैं हर साल बरेली में होने वाली रामलीला में 101 बेटियों की शादी में सहयोग करता हूं। फिर भी अगर मेरी बात से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।”
कांग्रेस का तीखा हमला
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और मंत्री रेखा आर्या को घेरते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उत्तराखंड कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने बयान को निंदनीय और शर्मनाक बताया।
उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी महिलाओं को वस्तु के रूप में प्रस्तुत करने वाली मानसिकता को दर्शाती है, जो मानव तस्करी, बाल विवाह और महिला शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा देती है।
ज्योति रौतेला ने यह भी कहा कि यह बयान ऐसे परिवार से आया है, जिसकी सदस्य स्वयं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री हैं, जो सरकार की कथनी और करनी के बीच के अंतर को उजागर करता है।


