बिग ब्रेकिंग: पिथौरागढ़ में पतंजलि का घी फेल, लैब रिपोर्ट में खरा न उतरने पर कंपनी पर ₹1.40 लाख जुर्माना

पिथौरागढ़ में पतंजलि का घी फेल, लैब रिपोर्ट में खरा न उतरने पर कंपनी पर ₹1.40 लाख जुर्माना

पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद मुश्किल में आ गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए पतंजलि के घी के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं।

इसके बाद कंपनी समेत तीन कारोबारियों पर कुल ₹1,40,000 का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन पिथौरागढ़ के असिस्टेंट कमिश्नर आर.के. शर्मा की ओर से पुष्टि की गई है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह नमूना 20 अक्टूबर 2020 को लिया गया था, और लगभग 1,348 दिन बाद 27 नवंबर 2025 को इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया।

दोनों लैब रिपोर्टों में फेल हुआ पतंजलि का घी

असिस्टेंट कमिश्नर आर.के. शर्मा के अनुसार पतंजलि घी के सैंपल की जांच पहले राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर और फिर कंपनी की मांग पर राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला गाजियाबाद में कराई गई। दोनों रिपोर्टों में घी मानकों पर खरा नहीं उतरा।

विभाग के अनुसार, ऐसा घी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है और इसके साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं।

कासनी क्षेत्र से लिया गया था नमूना

20 अक्टूबर 2020 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने पिथौरागढ़ के कासनी क्षेत्र में करन जनरल स्टोर से ‘पतंजलि गाय का घी’ का नमूना लिया था।

रुद्रपुर लैब रिपोर्ट में फेल होने पर पतंजलि को नोटिस भेजा गया, लेकिन काफी समय तक कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। बाद में कंपनी ने सेंट्रल लैब टेस्ट की मांग की।

15 अक्टूबर 2021 को कंपनी ने पुन:जांच के लिए फीस जमा की और 16 अक्टूबर 2021 को राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला में नमूनों की जांच कराई गई।
यहां भी 26 नवंबर 2021 को जारी रिपोर्ट में घी फेल पाया गया।

कोर्ट में पेश हुए पुख्ता सबूत

मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ योगेंद्र सिंह की अदालत में ठोस सबूत पेश किए।

  • अदालत ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड (निर्माता) पर ₹1,00,000,
  • ब्रह्म एजेंसी (डिस्ट्रीब्यूटर) पर ₹25,000,
  • करन जनरल स्टोर (विक्रेता) पर ₹15,000 का जुर्माना लगाया।

साथ ही सभी पक्षों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का पालन करने की कड़ी चेतावनी भी दी गई।