रुद्रपुर से हरिद्वार के बीच गायब हुई ATS की पिस्टल, जांच में जुटी पुलिस
रिपोर्ट- अमित भट्ट
देहरादून। उत्तराखंड आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। रुद्रपुर से हरिद्वार मुख्यालय पहुंचे एक एएसआई की निगरानी में 9 एमएम की सरकारी पिस्टल रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गई।
इस घटना के बाद एटीएस और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। देर रात रानीपुर कोतवाली में चोरी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, नैनीताल जिले से संबद्ध एटीएस के एएसआई प्रकाश सिंह तीन सरकारी हथियार लेकर अपने निजी वाहन से रुद्रपुर पोस्ट से हरिद्वार एटीएस मुख्यालय पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि सफर के दौरान एएसआई ने कई स्थानों पर गाड़ी रोकी और रुक-रुक कर यात्रा की। मुख्यालय पहुंचने पर जब हथियारों की गिनती की गई तो 9 एमएम की एक पिस्टल गायब मिली।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एएसआई ने तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। प्रारंभिक जांच के बाद एटीएस के प्लाटून कमांडर अमित सिंह की तहरीर पर रानीपुर कोतवाली में चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
एसएसआई नितिन चौहान ने बताया कि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। चाहे वह लापरवाही, चोरी या किसी अन्य संदेहास्पद गतिविधि की संभावना हो।
लापरवाही का बड़ा मामला
सरकारी हथियार की सुरक्षा में यह चूक न केवल एटीएस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आंतरिक अनुशासन और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर निगरानी कितनी कमजोर है।
निजी वाहन से तीन हथियारों का परिवहन, रास्ते में कई जगह ठहराव, और फिर एक पिस्टल का रहस्यमय तरीके से गायब हो जाना — इसे घोर सुरक्षा उल्लंघन माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, 9 एमएम की यह अत्याधुनिक पिस्टल तकनीकी रूप से उन्नत हथियार है, जिसका गलत हाथों में जाना किसी बड़ी घटना का कारण बन सकता है। चूंकि मामला आतंकवाद निरोधी इकाई से जुड़ा है, इसलिए इसे सुरक्षा एजेंसियां बेहद संवेदनशील मान रही हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि,
- सरकारी हथियार आखिर गायब कैसे हुआ?
- क्या यह केवल लापरवाही थी या किसी गहरी साजिश का संकेत?
पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियों के भीतर भी सुरक्षा पर सवाल उठाना जरूरी हो गया है।



