सड़क, स्वास्थ्य और स्वरोजगार योजनाओं के लिए बड़े ऐलान। धामी सरकार का 1.11 लाख करोड़ का बजट पेश
गैरसैंण (भराड़ीसैंण): उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सोमवार से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया।
सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के अभिभाषण से हुई, जिसमें सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का खाका सदन के सामने रखा गया।
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने हंगामा करते हुए वॉकआउट किया। वहीं सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर भी प्रदर्शन किया।
दोपहर बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट सदन में पेश किया। यह उत्तराखंड के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है और पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है।
सरकार ने इस बजट में बुनियादी ढांचे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, पर्यटन और तकनीकी विकास पर विशेष फोकस किया है।
बजट की प्रमुख घोषणाएं
सड़क और कनेक्टिविटी
राज्य में सड़क नेटवर्क मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1,050 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा प्रदेश की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए ‘गड्ढा मुक्त सड़क अभियान’ के लिए 400 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेतु 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश के नागरिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा जारी रहेगी।
ग्रामीण विकास और पंचायतें
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 1,642.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं पंचायती राज संस्थाओं को 1,491 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष योजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है।
महिला और बाल कल्याण
महिलाओं और बच्चों के पोषण व कल्याण के लिए सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए 598.33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना (30 करोड़), आंचल अमृत योजना (15 करोड़) और वात्सल्य योजना (15 करोड़) के लिए भी बजट रखा गया है।
सामाजिक सुरक्षा
वृद्ध, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लिए 1,327.73 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए 43.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शहरी विकास
शहरी निकायों को मजबूत बनाने के लिए 1,814 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं पहाड़ी शहरों के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
तकनीकी और डिजिटल विकास
तकनीकी क्षेत्र में भी बड़ा निवेश किया गया है। एआई मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये, राज्य के डेटा सेंटर को मजबूत करने के लिए 105 करोड़ रुपये और आईटीडीए को 25 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।
कृषि और स्वरोजगार
किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘मिशन एप्पल’ के लिए 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पशुपालन योजनाओं के लिए 42.02 करोड़ रुपये दिए गए हैं। युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतु 60 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
संस्कृति और पर्यटन
प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर के विकास के लिए 10-10 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि दी गई है।
जेंडर बजट में बढ़ोतरी
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने जेंडर बजट को बढ़ाकर 19,692 करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है।
बजट सत्र के बाहर भी हंगामा
विधानसभा सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल भी गर्म रहा। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने स्थायी राजधानी गैरसैंण, शिक्षा-स्वास्थ्य और पलायन जैसे मुद्दों को लेकर दिवालीखाल में प्रदर्शन किया और बैरियर तोड़ने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
राजनीतिक रूप से अहम सत्र
गैरसैंण में आयोजित यह बजट सत्र राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि धामी सरकार अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे करने की ओर बढ़ रही है। ऐसे में सरकार इस बजट के माध्यम से अपनी विकास योजनाओं और उपलब्धियों का संदेश जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
वहीं विपक्ष बेरोजगारी, महंगाई, पलायन और विकास जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जिससे आने वाले दिनों में सदन के अंदर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।



