उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की ग्रेडिंग प्रणाली पर सवाल, RRP ने CM से की हस्तक्षेप की मांग
देहरादून। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (आरआरपी) ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की ग्रेडिंग प्रणाली में कथित विसंगतियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक लापरवाही के कारण 2022, 2023 और 2024 बैच के हजारों छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है।
सेमवाल के अनुसार, विश्वविद्यालय की ग्रेडिंग प्रणाली में गणितीय असंगति के कारण छात्रों का सीजीपीए अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIT रुड़की, NIT जालंधर और HBTU कानपुर की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत तक कम आ रहा है।
उनका कहना है कि जहां अन्य संस्थानों में 70–79 प्रतिशत अंकों पर 8 ग्रेड पॉइंट दिए जाते हैं, वहीं UTU में केवल 7 ग्रेड पॉइंट दिए जा रहे हैं, जिससे छात्रों की प्रथम श्रेणी प्रभावित हो रही है।
पार्टी का दावा है कि इसका सीधा असर वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी संस्थान (VMSBTU/GBPIET) सहित UTU से संबद्ध सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों पर पड़ा है।
कई छात्रों ने GATE में उच्च रैंक प्राप्त करने के बावजूद कम सीजीपीए के कारण सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) की नौकरियों और अन्य चयन प्रक्रियाओं में नुकसान उठाया है।
सेमवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद ने दिसंबर 2025 में त्रुटि स्वीकार की, लेकिन सुधार केवल नए बैचों पर लागू किया गया। पुराने बैचों को पूर्वव्यापी लाभ न देना अन्यायपूर्ण है।
उन्होंने मांग की है कि ग्रेडिंग सुधार को रेट्रोस्पेक्टिव रूप से लागू कर प्रभावित छात्रों की ग्रेड शीट संशोधित की जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए।
आरआरपी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार शीघ्र कार्रवाई नहीं करती, तो पार्टी छात्रों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करेगी। मामला राज्य के हजारों इंजीनियरिंग छात्रों के करियर से जुड़ा होने के कारण अब सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हैं।



