बिग ब्रेकिंग: शिक्षा निदेशक से मारपीट मामले में भाजपा विधायक पर FIR दर्ज, भाजपा संगठन ने मांगा जवाब

शिक्षा निदेशक से मारपीट मामले में भाजपा विधायक पर FIR दर्ज, भाजपा संगठन ने मांगा जवाब

देहरादून। राजधानी देहरादून स्थित उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षा निदेशालय में शनिवार को हुए विवाद ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल की तहरीर पर रायपुर थाने में भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों के खिलाफ मारपीट, धमकी और तोड़फोड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

देखें वीडियो:-

क्या हैं आरोप?

निदेशक नौडियाल का आरोप है कि विधायक बिना पूर्व सूचना के 20–25 समर्थकों के साथ उनके कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों को बाहर भेजकर कमरे का दरवाजा बंद कराया गया और एक प्राथमिक विद्यालय के नामकरण से जुड़े प्रकरण का तत्काल निस्तारण करने का दबाव बनाया गया।

तहरीर के अनुसार, इस दौरान गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और जान से मारने की धमकियां दी गईं। बीच-बचाव करने पहुंचे कर्मचारियों और महिला कार्मिकों के साथ भी कथित रूप से अभद्रता की गई। फाइलें फाड़ने, दस्तावेज ले जाने और फर्नीचर तोड़ने के आरोप भी लगाए गए हैं।

नौडियाल ने दावा किया कि उन्हें आंख के पास चोट आई, जबकि अन्य कर्मचारी भी घायल हुए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया। घायल निदेशक का उपचार देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

वीडियो में क्या दिखा?

घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस, नेम प्लेट पटकने, पानी का गिलास और कुर्सी फेंकने जैसी घटनाएं दिखाई दे रही हैं। कमरे में अफरा-तफरी का माहौल साफ नजर आता है।

विधायक का पक्ष

विधायक उमेश शर्मा काऊ ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वे अपनी विधानसभा क्षेत्र रायपुर में एक सरकारी स्कूल के नामकरण संबंधी मांग को लेकर अधिकारियों से मिलने गए थे।

उनके अनुसार, बाहर से आए कुछ लोगों ने नारेबाजी करते हुए माहौल बिगाड़ा, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। विधायक ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि उन्होंने किसी पर हमला नहीं किया।

भाजपा संगठन की प्रतिक्रिया

घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी तरह की अराजकता, हिंसा और कानून के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे व्यक्ति किसी भी पद पर क्यों न हो।

उन्होंने संकेत दिए हैं कि पार्टी विधायक से जवाब तलब करेगी और पूरे प्रकरण की समीक्षा तथ्यों के आधार पर की जाएगी। भट्ट ने यह भी कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया जाएगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

इस घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों, विशेषकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। वहीं शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में भी आक्रोश देखा जा रहा है और उन्होंने प्रशासनिक सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षा विभाग के कर्मियों से संयम बरतने की अपील की है, यह कहते हुए कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।