बड़ी खबर: गैरसैंण में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उबाल, महिलाओं ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

गैरसैंण में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उबाल, महिलाओं ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

रिपोर्ट- गिरीश चंदोला

गैरसैंण। संसाधनों की कमी से जूझ रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण में विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक सुविधाओं की मांग को लेकर आज महिलाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं की गईं तो आगामी बजट सत्र का विरोध किया जाएगा।

रामलीला मैदान में एकत्रित महिला मंगल दलों की पदाधिकारी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गैरसैंण, जिसे ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा प्राप्त है, वहां का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आज भी बुनियादी संसाधनों के लिए संघर्ष कर रहा है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग

प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा, रेडियोलॉजिस्ट, सर्जन, फिजिशियन और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग की। उनका कहना है कि संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को हल्द्वानी, श्रीनगर या देहरादून रेफर किया जाता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।

महिलाओं ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही सीमित हैं। ऐसे में गैरसैंण जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर भी यदि आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी, तो आम जनता को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

बाजार से तहसील तक रैली

रामलीला मैदान से मुख्य बाजार होते हुए प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय पहुंचे। इस दौरान सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

तहसील कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओटी (ऑपरेशन थिएटर), रेडियोलॉजिस्ट और अन्य आवश्यक संसाधनों की शीघ्र व्यवस्था करने की मांग की गई।

बजट सत्र का विरोध करने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो गैरसैंण में प्रस्तावित बजट सत्र के दौरान आंदोलन तेज किया जाएगा।

उनका कहना है कि जब सरकार गैरसैंण को राजधानी का दर्जा देती है, तो यहां स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उसी स्तर की होनी चाहिए।

फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्रवासियों की नजर अब सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।