बिग ब्रेकिंग: PWD-सिंचाई कर्मियों की पेंशन बंदी आदेश पर हाईकोर्ट की रोक। हजारों कर्मचारियों को राहत

PWD-सिंचाई कर्मियों की पेंशन बंदी आदेश पर हाईकोर्ट की रोक। हजारों कर्मचारियों को राहत

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के नियमित तथा कार्यभारित (वर्कचार्ज) कर्मचारियों को पेंशन के दायरे से बाहर किए जाने संबंधी वित्त विभाग के 16 जनवरी 2026 के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय के इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना कि जिन कर्मचारियों को पहले से पेंशन मिल रही है, उनकी पेंशन तत्काल प्रभाव से रोकना उचित नहीं है।

वित्त विभाग ने 16 जनवरी को जारी आदेश में वर्ष 2016 के बाद नियमित किए गए कार्यभारित कर्मचारियों को पेंशन योजना से बाहर कर दिया था। साथ ही, जिन कर्मचारियों को पूर्व में पेंशन मिल रही थी,

उनकी पेंशन भी रोकने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में सेवारत कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जोड़ने की बात कही गई थी।

याचिकाकर्ता गुलाब सिंह तोमर ने न्यायालय में दलील दी कि उच्चतम न्यायालय के वर्ष 2018 के Prem Singh vs State of Uttar Pradesh मामले में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कार्यभारित सेवा को नियमित सेवा में जोड़ते हुए पेंशन सहित अन्य लाभ प्रदान किए जाएं।

इसके विपरीत राज्य सरकार ने वर्ष 2023 के Udayraj Singh vs State of Bihar के आदेश का आधार लिया, जबकि बाद में उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि तीन न्यायाधीशों की पीठ द्वारा दिया गया पूर्व निर्णय प्रभावी रहेगा।

इससे पूर्व शीतकालीन अवकाश के दौरान एकलपीठ ने भी कुछ याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश पर रोक लगाई थी। हालांकि,

बाद में एक अन्य एकलपीठ ने इस पर रोक लगाने से इनकार करते हुए सरकार से जवाब मांगा था। अब खंडपीठ ने पूरे प्रकरण में स्पष्ट रूप से अंतरिम रोक लगाकर कर्मचारियों को राहत प्रदान की है।

मामले की अगली सुनवाई नियत तिथि पर होगी। फिलहाल, न्यायालय के इस आदेश से पेंशन बंद होने की आशंका से जूझ रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।