2027 से पहले सरकार की आर्थिक दिशा तय करेगा बजट सत्र। 11 मार्च को होगा पेश
देहरादून। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित विधानसभा भवन में 9 से 13 मार्च तक बजट सत्र आयोजित होगा। 11 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह धामी सरकार का आख़िरी पूर्ण बजट होगा, इसलिए इसे सरकार के आर्थिक विज़न और चुनावी दिशा तय करने वाले अहम दस्तावेज़ के रूप में देखा जा रहा है। सत्र की अधिसूचना जारी हो चुकी है।
बजट का आकार: 1.20 लाख करोड़ का अनुमान
सरकार बजट का आकार बढ़ाकर लगभग 1.20 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने की तैयारी में है।
- ‘जीरो बेस्ड बजटिंग’ के जरिए अनुपयोगी योजनाओं को समाप्त करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर रहेगा।
- इसके बाद 2027 चुनावी वर्ष में बजट लेखानुदान (वोट ऑन अकाउंट) के रूप में पेश होने की संभावना है।
फोकस के प्रमुख क्षेत्र
- रोजगार सृजन और स्वरोजगार योजनाएँ
- आधारभूत ढांचा – सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी
- पर्यटन और धार्मिक सर्किट विकास
- कृषि और बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था
महिला एवं युवा केंद्रित योजनाएँ - वहीं विपक्ष बेरोजगारी, पलायन और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
आधिकारिक कार्यक्रम (9–13 मार्च)
- 09 मार्च – सत्र का आगाज़, राज्यपाल का अभिभाषण
- 10 मार्च – अध्यादेश पटल पर, अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव व चर्चा
- 11 मार्च – धन्यवाद प्रस्ताव पारित; वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत
- 12 मार्च – बजट पर सामान्य चर्चा, विभागवार अनुदान मांगों पर विचार व मतदान
- 13 मार्च – बजट पारण, शेष अनुदान मांगों पर मतदान, गैर-सरकारी कार्य
क्यों अहम है यह सत्र?
- 2027 चुनाव से पहले सरकार का अंतिम पूर्ण बजट
- गैरसैंण में आयोजन से क्षेत्रीय संतुलन का राजनीतिक संदेश
- आय-व्यय के साथ विकास एजेंडे का विस्तृत खाका
आने वाले दिनों में सदन के भीतर तीखी बहस और बाहर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।



