देहरादून के इस बैंक पर RBI का शिकंजा, छह माह तक लेन-देन प्रतिबंधित
देहरादून। देहरादून स्थित अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सख्त कार्रवाई करते हुए छह माह का प्रतिबंध लगा दिया है।
आदेश के बाद बैंक के करीब 9000 खाताधारकों की जमा राशि की निकासी पर तत्काल प्रभाव से रोक लागू हो गई है। यह कदम बैंकिंग विनियमन अधिनियम के तहत जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
नए ऋण और निवेश पर रोक
RBI के निर्देशों के मुताबिक बैंक अब:
- कोई नया ऋण या अग्रिम जारी नहीं करेगा
- पुराने ऋणों का नवीनीकरण नहीं करेगा
- नए जमा स्वीकार नहीं करेगा
- निवेश, उधार, भुगतान या संपत्ति हस्तांतरण
- जैसे वित्तीय निर्णय नहीं ले सकेगा
बताया जा रहा है कि बैंक के वित्तीय संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
निकासी पर पूर्ण रोक, समायोजन की छूट
सभी प्रकार के खातों बचत, चालू, सावधि और आवर्ती से नकद निकासी पर रोक रहेगी। हालांकि, यदि कोई खाताधारक स्वयं उधारकर्ता या जमानतदार है, तो उसकी जमा राशि को संबंधित ऋण खाते में समायोजित किया जा सकता है।
सीमित प्रशासनिक कार्यों की अनुमति
RBI ने कर्मचारियों के वेतन, किराया, कर, बिजली-पानी बिल, स्टेशनरी, न्यायालय शुल्क और वकीलों की सीमित फीस के भुगतान की अनुमति दी है।
साथ ही डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) को देय प्रीमियम भी जमा किया जा सकेगा। दैनिक खर्च पिछले छह माह के औसत व्यय से अधिक नहीं होगा।
45 दिन में देनी होगी सूची
बैंक को 45 दिनों के भीतर DICGC को प्रत्येक जमाकर्ता की प्रमाणित बकाया सूची सौंपनी होगी। नियमों के अनुसार, परिसमापन या मोरेटोरियम की स्थिति में प्रति जमाकर्ता अधिकतम 5 लाख रुपये तक की बीमा सुरक्षा उपलब्ध रहती है।
भविष्य पर टिकी निगाहें
RBI की यह कार्रवाई हजारों खाताधारकों के लिए चिंता का कारण बनी है। बैंक का भविष्य अब केंद्रीय बैंक की आगामी समीक्षा पर निर्भर करेगा। यह मामला सहकारी बैंकों की निगरानी व्यवस्था और वित्तीय अनुशासन को लेकर नई बहस भी खड़ा कर रहा है।



