बिग ब्रेकिंग: देहरादून में आज रूट डाइवर्ट, देखें ट्रैफिक डाइवर्जन प्लान….

देहरादून में आज रूट डाइवर्ट, देखें ट्रैफिक डाइवर्जन प्लान….

देहरादून। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर टपकेश्वर महादेव मंदिर में 15 फरवरी को भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए दून पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान जारी कर कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया है।

पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं और शहरवासियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले निर्धारित रूट प्लान देख लें और यातायात नियमों का पालन करें।

इस मार्ग पर पूर्ण प्रतिबंध

कैण्ट चौक से टपकेश्वर मंदिर की ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

पार्किंग व डायवर्जन व्यवस्था

  • बल्लुपूर चौक/कौलागढ़ से आने वाले वाहन
    निम्बूवाला तिराहे से बाएं मोड़कर ONGC हेलीपेड पार्किंग में भेजे जाएंगे।
  • सर्किट हाउस/सीएसडी तिराहे से आने वाले वाहन पोस्ट ऑफिस तिराहे से निम्बूवाला तिराहे होते हुए ONGC हेलीपेड पार्किंग भेजे जाएंगे।
  • पार्किंग भरने की स्थिति में वाहनों को पोस्ट ऑफिस के पास हरवंश कपूर ऑडिटोरियम पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।
  • वीरपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालुकैण्ट  चौक से निम्बूवाला तिराहे की ओर डायवर्ट कर ONGC हेलीपेड पार्किंग में भेजे जाएंगे।

दबाव बढ़ने पर वैकल्पिक डायवर्जन

  • गढ़ी कैण्ट चौक पर ट्रैफिक बढ़ने की स्थिति में पोस्ट ऑफिस तिराहे से कैण्ट चौक की ओर आने वाले ट्रैफिक को बिन्दाल की ओर मोड़ा जाएगा।
  • कौलागढ़ चौक से कैण्ट की ओर जाने वाले वाहनों को आंशिक रूप से किशन नगर चौक की ओर डायवर्ट किया जाएगा।

बसों की पार्किंग

  • मेले में आने वाली श्रद्धालुओं की बसों को महिंद्रा ग्राउंड में पार्क कराया जाएगा।

प्रमुख बैरियर/डायवर्ट प्वाइंट

  • कैण्ट चौक
  • पोस्ट ऑफिस तिराहा
  • कौलागढ़ चौक
  • निम्बुवाला कट (FRI गेट के पास)
  • वाटिका तिराहा

पुलिस की अपील

मेले के दौरान सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें, अनावश्यक रूप से सड़क किनारे वाहन खड़ा न करें और वैकल्पिक मार्ग अपनाकर प्रशासन का सहयोग करें।

महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं से संयम और अनुशासन बनाए रखने की भी अपील की गई है, ताकि आस्था का यह पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।