देहरादून में सियासी हलचल, बीजेपी बैठक में चुनावी रणनीति तय
देहरादून : राजधानी में शनिवार को राजनीतिक और प्रशासनिक मोर्चे पर हलचल तेज रही। एक ओर भारतीय जनता पार्टी की कोर ग्रुप बैठक में 2027 चुनाव को लेकर रणनीति बनी, तो दूसरी ओर वन विभाग में खाली रेंजों को लेकर प्रभारी रेंजर व्यवस्था की मांग जोर पकड़ती दिखी। वहीं कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा।
बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में चुनावी मंथन
देहरादून में हुई कोर ग्रुप बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर जेपी नड्डा शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई सांसद और मंत्री मौजूद रहे, जबकि दो पूर्व मुख्यमंत्री बैठक से अनुपस्थित रहे।
बैठक में 7 मार्च से 14 अप्रैल तक प्रदेशभर में मंडल स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने, बूथ मजबूत करने और 23 मार्च को सरकार के चार साल पूरे होने पर बड़े आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री या केंद्रीय नेतृत्व को आमंत्रित करने की योजना भी बनी। मंत्रिमंडल विस्तार और दायित्वों के बंटवारे पर भी विचार हुआ।
वन विभाग में प्रभारी रेंजर व्यवस्था की मांग
इधर डिप्टी रेंजर्स (उपवन क्षेत्राधिकारी) संघ के अधिवेशन में खाली रेंजों में प्रभारी रेंजर व्यवस्था लागू करने की मांग उठी। संघ ने कहा कि स्थायी रेंजरों की कमी से वन संरक्षण और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिवेशन में नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से चुनाव भी हुआ।
कांग्रेस का कानून-व्यवस्था पर हमला
वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य में बढ़ते अपराधों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था कमजोर हुई है और सरकार जनसुरक्षा के बजाय अन्य मुद्दों में उलझी है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में सियासी बयानबाजी, संगठनात्मक तैयारी और प्रशासनिक मांगों के बीच चुनावी वर्ष से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ता दिख रहा है।



