ऑनलाइन चालान प्रणाली पर फिर उठे सवाल, वैध फिटनेस के बावजूद कटा ₹5000 का चालान
देहरादून : परिवहन विभाग की ऑनलाइन चालान व्यवस्था एक बार फिर विवादों में आ गई है। हरिद्वार निवासी डॉ. अनुराग की कार के सभी दस्तावेज पूर्ण और फिटनेस वैध होने के बावजूद ₹5000 का चालान कटने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इस संबंध में संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ), देहरादून में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
डॉ. अनुराग के अनुसार, तीन फरवरी को वे देहरादून–हरिद्वार मार्ग स्थित लच्छीवाला टोल प्लाजा से गुजरे थे। इसके अगले दिन, चार फरवरी को उनके मोबाइल फोन पर चालान कटने का संदेश प्राप्त हुआ।
संदेश में वाहन की फिटनेस न होने का हवाला देते हुए ₹5000 का चालान दर्शाया गया, जबकि वे छह दिसंबर को ही अपनी कार की फिटनेस एक वर्ष के लिए वैध रूप से करा चुके थे।
डॉ. अनुराग ने इसे स्पष्ट रूप से तकनीकी त्रुटि बताते हुए आरटीओ कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और चालान राशि वापस करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सभी दस्तावेज अपडेट होने के बावजूद इस तरह के चालान कट रहे हैं,
तो आम नागरिकों को अनावश्यक मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मामले पर आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने बताया कि शिकायत की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की तकनीकी या सिस्टम संबंधी त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत सुधारा जाएगा।
साथ ही विभाग का प्रयास है कि ऑनलाइन चालान प्रणाली के कारण नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
इस घटना के बाद वाहन चालकों के बीच ऑनलाइन चालान प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसी तकनीकी गलतियों पर त्वरित सुधार और पारदर्शी समाधान की व्यवस्था की जाए।



