बड़े खुलासे: इधर GST चोरी का भंडाफोड़, उधर शराब की दुकानों पर छापेमारी। मचा हड़कंप

इधर GST चोरी का भंडाफोड़, उधर शराब की दुकानों पर छापेमारी। मचा हड़कंप

देहरादून। उत्तराखंड में एक ओर जहां आर्थिक अपराधों पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर अवैध और संदिग्ध शराब से जनहानि की घटनाएं प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई हैं।

देहरादून में राज्य कर विभाग ने बड़े जीएसटी चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जबकि खटीमा में संदिग्ध शराब सेवन से दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन और आबकारी विभाग अलर्ट मोड में है।

देहरादून में जीएसटी चोरी का बड़ा खुलासा

राजधानी देहरादून में राज्य कर विभाग ने सात फर्मों पर छापेमारी कर 4.75 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) घोटाले का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि बिना किसी वास्तविक माल आपूर्ति के फर्जी बिल तैयार कर टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया जा रहा था।

राज्य कर विभाग की कार्रवाई के दौरान संबंधित फर्मों से 1.10 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई गई है। जांच के दायरे में मुख्य रूप से वर्क कॉन्ट्रैक्ट और आईटी सेक्टर से जुड़ी फर्में हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।

खटीमा में संदिग्ध शराब से दो की मौत, प्रशासन अलर्ट

उधर, नैनीताल जिले के खटीमा में संदिग्ध शराब सेवन से दो लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन और आबकारी विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर आबकारी विभाग ने जिले भर में शराब की दुकानों पर सघन छापेमारी और गुणवत्ता जांच अभियान शुरू किया।

शराब दुकानों और बार लाइसेंसों का निरीक्षण

6 फरवरी को चलाए गए अभियान के तहत हल्द्वानी सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित मदिरा दुकानों और FL-2 (बार लाइसेंस) का निरीक्षण किया गया। टीम ने मदिरा के भंडारण, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री प्रक्रिया, वैधता और ब्रांड उपलब्धता की गहन जांच की।

उपभोक्ता सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न ब्रांड्स की मदिरा के नमूने सील कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध, मिलावटी या संदिग्ध शराब के विक्रय पर शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाएगी और ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 फरवरी की देर रात खटीमा कोतवाली क्षेत्र के कंजाबाग रोड पर शराब सेवन के बाद एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई। कंजाबाग निवासी डिल्लू राणा (52) को खटीमा उप जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

वहीं प्रवेश राणा और मलकीत सिंह राणा की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर बरेली रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान मलकीत सिंह की भी मौत हो गई।

जहरीले रसायन की आशंका

खटीमा उप जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. वी.पी. सिंह के अनुसार, पीड़ितों से मिथाइल अल्कोहल जैसे रसायन की तीव्र गंध आ रही थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाहन में रखी एक बोतल में संदिग्ध रासायनिक तरल था, जिसे पानी समझकर शराब में मिलाकर पी लिया गया।
फिलहाल पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।