सावधान ड्राइवर्स! अब 5 चालान पड़े तो लाइसेंस रद्द, वाहन भी हो सकता है जब्त

सावधान ड्राइवर्स! अब 5 चालान पड़े तो लाइसेंस रद्द, वाहन भी हो सकता है जब्त

Latest Update: वाहन चालकों के लिए यह खबर बेहद अहम है। अब पांच बार से अधिक चालान कटना भारी पड़ सकता है, क्योंकि नए नियमों के तहत चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द किया जा सकेगा।

केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट के संशोधित प्रावधान उत्तराखंड में लागू हो चुके हैं। इसके साथ ही परिवहन विभाग चालान न चुकाने वालों यानी डिफॉल्टरों की सूची तैयार करेगा और ऐसे वाहनों को जब्त करने का अधिकार पुलिस को दे दिया गया है।

एक साल में 5 उल्लंघन = गंभीर अपराध

संशोधित नियमों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 के बीच यदि कोई चालक एक वर्ष में पांच या उससे अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन करता है, तो इसे गंभीर श्रेणी का अपराध माना जाएगा।

ऐसे मामलों में चालक का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकेगा। हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले वर्ष के उल्लंघन अगले वर्ष की गणना में शामिल नहीं होंगे।

चालान भुगतान को लेकर स्पष्ट समय-सीमा

  • चालान की सूचना 3 दिन के भीतर SMS या ई-मेल से दी जाएगी
  • भौतिक चालान 15 दिन के भीतर जारी किया जाएगा
  • चालान जारी होने के 45 दिन के भीतर भुगतान या पोर्टल पर चुनौती देनी होगी
  • 45 दिन तक कोई कार्रवाई न करने पर चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा
  • इसके बाद अगले 30 दिन में भुगतान अनिवार्य होगा

गलत चालान पर क्या करें?

यदि चालान गलत लगता है, तो चालक दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर चुनौती दे सकता है। चुनौती खारिज होने पर कोर्ट जाने का विकल्प रहेगा, लेकिन इसके लिए चालान राशि का 50% पहले जमा करना अनिवार्य होगा।

डिफॉल्टरों पर कड़ा शिकंजा

परिवहन विभाग ने साफ किया है कि लंबित चालान रहते हुए- 

  • वाहन रजिस्ट्रेशन या ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ा कोई आवेदन स्वीकार नहीं होगा
  • वाहन को पोर्टल पर ‘संव्यवहार न किया जाए’ श्रेणी में डाल दिया जाएगा, यानी वाहन बेचा नहीं जा सकेगा
  • नियम तोड़ने वाले वाहनों को जब्त करने का अधिकार अधिकारियों को मिल गया है
  • इन नियमों के जरिए सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • समय पर चालान भुगतान और यातायात नियमों का पालन ही जुर्माने, वाहन जब्ती और लाइसेंस रद्द होने से बचने का एकमात्र रास्ता है।