इधर राशन डीलर की दबंगई, उधर स्कूल को निकले भाई-बहन का अपहरण
उत्तराखंड। के दो अलग-अलग जिलों से सामने आई घटनाओं ने राज्य में प्रशासनिक नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक ओर हरिद्वार जिले के लक्सर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की जांच करने पहुंची खाद्य पूर्ति निरीक्षक के साथ महिला राशन डीलर द्वारा हाथापाई की घटना सामने आई, तो वहीं ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में स्कूल जा रहे नाबालिग भाई-बहन का कथित अपहरण कर उन्हें टेंट हाउस में बंद कर दिया गया।
लक्सर में PDS पर हमला: जांच अधिकारी से हाथापाई, राशन दुकान सील
हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितताओं की शिकायतों की जांच के दौरान स्थिति उस समय बेकाबू हो गई, जब महिला राशन डीलर ने खाद्य पूर्ति निरीक्षक के साथ हाथापाई कर दी।
आरोप है कि लक्सर की राशन डीलर सुषमा के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि वह उपभोक्ताओं को निर्धारित राशन देने के बजाय केवल पर्ची थमा देती है और रजिस्टर पर अंगूठा या हस्ताक्षर लगवा लेती है। इसके साथ ही ई-केवाईसी के नाम पर प्रति राशन कार्ड ₹10 की अवैध वसूली किए जाने के आरोप भी सामने आए थे।
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए खाद्य पूर्ति निरीक्षक बबीता जांच के लिए जब राशन दुकान पर पहुंचीं, तो आरोप है कि उन्हें अकेला पाकर डीलर ने दबाव बनाना शुरू किया और अपने समर्थकों को मौके पर बुला लिया। विवाद बढ़ने पर नोकझोंक हाथापाई में बदल गई।
स्थिति बिगड़ती देख निरीक्षक ने तत्काल राशन दुकान को सील कर दिया। घटना के दौरान मौके पर मौजूद कुछ मीडिया कर्मियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी रिकॉर्ड किया।
एक डीलर, कई दुकानें
खाद्य पूर्ति निरीक्षक के अनुसार, आरोपी डीलर सुषमा के पास मिर्जापुर शादात के अलावा लक्सर गांव, बसेड़ी और सैठपुर की राशन दुकानें भी अटैच हैं। प्रारंभिक जांच में ग्रामीणों के आरोप सही पाए गए हैं।
वहीं डीलर सुषमा ने निरीक्षक पर ₹50 हजार की रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन्हें निरीक्षक ने पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है।
मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजे जाने की तैयारी है।
रुद्रपुर में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल: स्कूल जाते भाई-बहन का अपहरण
दूसरी ओर ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां स्कूल जा रहे एक नाबालिग भाई-बहन का कथित तौर पर अपहरण कर उन्हें एक टेंट हाउस में बंद कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, दोनों बच्चे रोज़ की तरह स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में अचानक लापता हो गए। जब वे न तो स्कूल पहुंचे और न ही घर लौटे, तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
टेंट हाउस से सुरक्षित बरामद
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और जांच के दौरान दोनों बच्चों को शहर के एक टेंट हाउस से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बच्चों के मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।
पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही जांच पड़ताल जारी है।
इन दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में डर, आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है। एक ओर सरकारी अधिकारी के साथ खुलेआम दबंगई, तो दूसरी ओर मासूम बच्चों का अपहरण दोनों ही घटनाएं प्रशासनिक सतर्कता और कानून-व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
पुलिस और प्रशासन का दावा है कि दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



