बिग ब्रेकिंग: रेप केस पर कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बिगड़े बोल, सियासत में उबाल

रेप केस पर कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बिगड़े बोल, सियासत में उबाल

  • पीड़िता पर टिप्पणी को लेकर विपक्ष हमलावर, कांग्रेस की बढ़ीं मुश्किलें

रिपोर्ट – मीनाक्षी सिंह गौर
नई दिल्ली। देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस के बीच एक बार फिर सियासत गरमा गई है। मध्य प्रदेश के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक रेप मामले पर दिए गए विवादित बयान ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।

विधायक की टिप्पणी को असंवेदनशील और पीड़िता को दोषी ठहराने वाला बताया जा रहा है, जिसको लेकर विपक्ष कांग्रेस पर हमलावर हो गया है।

बयान का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में, बल्कि संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

रेप केस को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने ऐसा बयान दिया, जिसे महिला विरोधी और पीड़िता के प्रति असंवेदनशील माना जा रहा है।

विपक्ष का आरोप है कि यह टिप्पणी न केवल महिलाओं का अपमान है, बल्कि रेप जैसे जघन्य अपराध को हल्के में लेने की मानसिकता को भी दर्शाती है।

विपक्ष का हमला, इस्तीफे की मांग

बीजेपी समेत अन्य विपक्षी दलों ने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि, “रेप जैसे संगीन अपराध पर इस तरह की भाषा अपराध को अप्रत्यक्ष रूप से सही ठहराने जैसी है।”

विपक्षी नेताओं ने विधायक फूल सिंह बरैया के तत्काल इस्तीफे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई नेताओं ने इसे कांग्रेस की कथित महिला-विरोधी सोच से जोड़ते हुए पार्टी नेतृत्व से जवाबदेही तय करने की मांग की है।

कांग्रेस की सफाई

बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच कांग्रेस की ओर से सफाई दी गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विधायक के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और कांग्रेस महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि मामले को लेकर आंतरिक समीक्षा पर भी विचार किया जा रहा है।

महिला संगठनों में आक्रोश

इस बयान को लेकर महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भी गहरा रोष देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों को रेप जैसे मामलों पर अत्यंत जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ बोलना चाहिए। ऐसे बयान पीड़िताओं का मनोबल तोड़ते हैं और समाज में गलत संदेश देते हैं।

सियासत से आगे बड़ा सवाल

यह विवाद एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े करता है:-

  • क्या राजनीतिक दल महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर वास्तव में गंभीर हैं?
  • और क्या जनप्रतिनिधियों की भाषा व सोच पर कोई ठोस जवाबदेही तय की जाएगी?

रेप जैसे संगीन अपराध पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाज़ी ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि सत्ता और पद के साथ-साथ संवेदनशीलता और जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है।