उत्तराखंड में अपराध, जांच और कानून-व्यवस्था पर एक साथ सख्ती, कई बड़ी घटनाओं से हरकत में प्रशासन
देहरादून। उत्तराखंड में बीते 24 घंटों के भीतर सामने आई कई गंभीर घटनाओं ने कानून-व्यवस्था, पुलिसिंग और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
कहीं लूट का खुलासा हुआ तो कहीं संदिग्ध मौतों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई, वहीं सोशल मीडिया के लिए धार्मिक स्थलों की मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों पर भी पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है।
देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह के नेतृत्व में पटेलनगर पुलिस ने वादी के बहनोई सहित कुल पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए 91 हजार 950 रुपये नगद, दो अवैध तमंचे 315 बोर, चार जिंदा कारतूस, दो अवैध चाकू और एक आलानकब बरामद किया है। पुलिस जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इस पूरी लूट का मास्टरमाइंड खुद पीड़ित का रिश्तेदार था।
9 जनवरी को अज्ञात बदमाशों द्वारा घर में घुसकर मारपीट और लूट की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसकी गहन जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।
वहीं, देहरादून जनपद के त्यूणी क्षेत्र के ग्राम भूठ में तीन लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मृतकों के परिजनों की मांग को देखते हुए गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप के निर्देश पर इस प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।
एसआईटी का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक-2 विकासनगर पंकज गैरोला कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।
नैनीताल से जुड़ी एक अन्य बड़ी खबर में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर ज्योति अधिकारी को जेल में ही रहना पड़ा। जमानत मिलने के बावजूद अन्य जिलों में दर्ज मामलों के कारण वह जेल से बाहर नहीं आ सकीं।
ज्योति अधिकारी पर उत्तराखंड की महिलाओं और लोक देवताओं के अपमान सहित कई गंभीर आरोप हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी मामलों में जमानत मिलने के बाद ही रिहाई संभव होगी।
हरिद्वार में हरकी पैड़ी जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थल पर सोशल मीडिया के लिए अरबी वेशभूषा में वीडियो बना रहे दो युवकों को पुलिस ने कुछ ही घंटों में हिरासत में ले लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यूट्यूब और सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज़ के लिए इस तरह के वीडियो बना रहे थे।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए भविष्य में ऐसी हरकत न करने की सख्त हिदायत दी है। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि भ्रामक और अधूरी वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें।
हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में बिजली चोरी की जांच के दौरान ऊर्जा निगम की टीम के साथ मारपीट का मामला भी सामने आया है। सरकारी कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ऊर्जा निगम अधिकारियों ने इस घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इन सभी घटनाओं के बीच देहरादून में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में एसएसपी ने वर्ष 2025 के अपराधों की सर्किलवार समीक्षा की और अवैध संपत्तियों की कुर्की, गैंगस्टर और एनडीपीएस मामलों में कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।
उत्तराखंड में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि अपराध, सोशल मीडिया दुरुपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सरकार और पुलिस अब किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में नहीं हैं।



