कानून-व्यवस्था को चुनौती। लालकुआं में दारोगा सस्पेंड, लक्सर में दो पक्षों में हिंसक संघर्ष
हल्द्वानी/रुड़की। उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में पुलिस प्रशासन सख्त नजर आया है।
एक ओर महिला अपराध की विवेचना में लापरवाही बरतने पर लालकुआं कोतवाली में तैनात महिला दारोगा को निलंबित किया गया है, वहीं दूसरी ओर हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए।
महिला अपराध मामले में कड़ी कार्रवाई
लालकुआं कोतवाली में दर्ज दुष्कर्म के एक मामले की विवेचना में गंभीर लापरवाही सामने आने पर एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी ने महिला उपनिरीक्षक अंजू नेगी को निलंबित कर दिया है।
जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि विवेचना के दौरान जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और आरोपी को लाभ पहुंचाने की कोशिश हुई। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि महिला अपराध से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लक्सर में गंदे पानी को लेकर हिंसा
वहीं हरिद्वार जिले के लक्सर थाना क्षेत्र के रनसूरा गांव में गंदा पानी छोड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला लाठी-डंडों और धारदार हथियारों तक जा पहुंचा।
इस हिंसक झड़प में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि,वायरल वीडियो के आधार पर पांच लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल गांव में शांति बनी हुई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस प्रशासन ने दोनों ही मामलों में साफ संदेश दिया है कि कानून हाथ में लेने या महिला अपराध में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



