गजब: गोबर–गौमूत्र रिसर्च के नाम पर 3.5 करोड़ रुपये का घोटाला, जांच तेज

गोबर–गौमूत्र रिसर्च के नाम पर 3.5 करोड़ रुपये का घोटाला, जांच तेज

रिपोर्ट- मीनाक्षी सिंह गौर

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में पंचगव्य योजना के तहत स्वीकृत 3.5 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मामला सामने आया है।

यह राशि गोबर, गौमूत्र और गाय से प्राप्त अन्य तत्वों के माध्यम से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों पर शोध के लिए मंजूर की गई थी।

जांच में सामने आया है कि रिसर्च के नाम पर मिली सरकारी राशि का बड़ा हिस्सा गोवा और बेंगलुरु की हवाई यात्राओं, महंगे होटलों में ठहराव, वाहनों की व्यवस्था और अन्य संदिग्ध मदों में खर्च किया गया।

कई खर्चों से जुड़े बिल और दस्तावेज या तो फर्जी पाए गए हैं या उनके पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है।

सबसे गंभीर पहलू यह है कि करीब 15 वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक इस रिसर्च से जुड़ी कोई स्पष्ट वैज्ञानिक रिपोर्ट, निष्कर्ष या मान्य शोध परिणाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इससे पूरे प्रोजेक्ट की पारदर्शिता और उद्देश्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले में विश्वविद्यालय के तत्कालीन अधिकारियों और परियोजना से जुड़े शोधकर्ताओं की भूमिका जांच के दायरे में है। राज्य सरकार के स्तर पर संकेत दिए गए हैं कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ सरकारी धन की वसूली भी की जाएगी।