मनरेगा के नाम बदलाव पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन, पिथौरागढ़ में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कैंडल मार्च
देहरादून। उत्तराखंड में कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ दो बड़े मुद्दों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। एक ओर मनरेगा योजना का नाम बदले जाने के विरोध में कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने जा रही है।
वहीं दूसरी ओर अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर जिलों में प्रदर्शन तेज कर दिए गए हैं।
देहरादून में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने मनरेगा योजना (MGNREGA) का नाम बदलकर VB–G RAM-G किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि यह केवल नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के रोजगार और अधिकारों को खत्म करने की साजिश है।
शैलजा ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार मनरेगा की आत्मा को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय शुरू हुई मनरेगा योजना ने करोड़ों गरीबों को रोजगार दिया और कोविड जैसी महामारी के दौरान यह योजना ग्रामीणों के लिए संजीवनी साबित हुई थी।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर 10 जनवरी से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। 10 जनवरी को प्रत्येक जिले में प्रेस कांफ्रेंस की जाएगी। 11 जनवरी को महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर जिला स्तर पर एक दिन का अनशन किया जाएगा।
इसके बाद 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर गांवों में चौपाल लगाई जाएगी। 30 जनवरी को शहीदी दिवस पर शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। वहीं 31 जनवरी से 6 फरवरी तक सभी जिला मुख्यालयों पर ‘मनरेगा बचाओ धरना’ आयोजित होगा और 7 से 15 फरवरी के बीच विधानसभा घेराव किया जाएगा।
उधर, पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकाला।
पूर्व दर्जा राज्य मंत्री खजान गुड्डू और नगर पालिका अध्यक्ष हेमा पंत के नेतृत्व में यह कैंडल मार्च नया बाजार से शुरू होकर शहीद चौक तक पहुंचा। सैकड़ों की संख्या में लोग हाथों में मोमबत्तियां लेकर ‘अंकिता को न्याय दो’ और ‘सीबीआई जांच कराओ’ के नारे लगाते नजर आए।
इस दौरान खजान गुड्डू ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सीबीआई जांच नहीं कराई जाती, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा और इसे गांव-गांव तक ले जाया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि हत्याकांड में वीआईपी एंगल सामने आने के बावजूद सरकार मामले की निष्पक्ष जांच से बच रही है।
हालांकि हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के परिजनों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रदेश में मनरेगा और अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के बढ़ते आंदोलनों से आने वाले दिनों में सियासी माहौल और गरमाने के आसार हैं।



