पूर्णागिरी तहसील के 23 गांवों में भूमि क्रय-विक्रय और प्रकृति परिवर्तन पर अस्थायी रोक
रिपोर्ट- मयंक पंत
सितारगंज से टनकपुर तक प्रस्तावित 52 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कवायद तेज कर दी है।
सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूर्णागिरी तहसील के विभिन्न ग्रामों में भूमि की प्रकृति बदलने और भूमि के क्रय-विक्रय पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है।
एनएचएआई की ओर से पत्र प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने तहसील प्रशासन को निर्देश जारी किए, जिसके तहत सड़क परियोजना से प्रभावित गांवों में कृषि भूमि को गैर-कृषि में परिवर्तित करने और भूमि की रजिस्ट्री पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
डीपीआर के बाद होगा भूमि अधिग्रहण
बताया जा रहा है कि इस परियोजना के लिए परामर्शदात्री संस्था द्वारा डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जा रही है। डीपीआर पूर्ण होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रभावित ग्रामों में भूमि क्रय-विक्रय और प्रकृति परिवर्तन न किए जाने की अपेक्षा की गई है।
23 गांवों में अस्थायी प्रतिबंध
तहसील कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार फिलहाल पूर्णागिरी तहसील के 23 गांवों में भूमि क्रय-विक्रय पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रशासन का कहना है कि शीघ्र ही जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में 3A नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद कुछ गांवों से प्रतिबंध हटने की संभावना भी जताई जा रही है।
इन गांवों में लागू है प्रतिबंध
पचपकरिया, देवीपुरा, बनबसा, आनंदपुर, बमनपुरी, कुतुबा पट्टी, भजनपुर, चन्दनी, विचई, छीनीगोठ, छीनी मल्ली, नायकखेड़ा, मोहनपुर, सैलानी गोठ, बगदौरा खास, बगदौरा हंसी, देवरामपुर उर्फ सीतापुर, मनिहार गोठ, ज्ञानखेड़ा और टनकपुर।
प्रशासन ने संबंधित ग्रामवासियों से अपील की है कि वे आदेशों का पालन करें और किसी भी प्रकार के भूमि लेन-देन या प्रकृति परिवर्तन से पहले प्रशासन से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।



