अवैध उपखनिज पर बड़ी कार्रवाई। ज्ञानखेड़ा में 3 भंडारण स्थलों पर ₹7.35 लाख का जुर्माना
टनकपुर। जनपद चम्पावत के तहसील पूर्णागिरी अंतर्गत ग्राम ज्ञानखेड़ा में अवैध उपखनिज परिवहन एवं भंडारण के मामलों में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने कुल ₹7 लाख 35 हजार 549 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।
जिला खान अधिकारी चित्रा जोशी ने बताया कि 30 दिसंबर को राजस्व विभाग और भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में स्वीकृत तीन उपखनिज रिटेल भंडारण स्थलों का औचक निरीक्षण किया था।
अनुज्ञा शर्तों का उल्लंघन उजागर
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पांच वर्ष की अवधि के लिए शर्तों के अधीन स्वीकृत तीनों भंडारण स्थलों पर नियमों का गंभीर उल्लंघन किया जा रहा था। किसी भी स्थल पर न तो निर्धारित चाहरदीवारी अथवा कवर्ड फेंसिंग का निर्माण किया गया था और न ही धर्मकांटा स्थापित पाया गया।
भंडारण और अभिलेखों में भारी अंतर स्थलीय पैमाईश में
प्रथम भंडारण स्थल पर लगभग 09 टन उपखनिज पाया गया, जबकि विभागीय आईडी में 174.23 टन दर्ज था।
द्वितीय स्थल पर 3713.4 टन उपखनिज मिला, जबकि अभिलेखों में 3974.8 टन अंकित था।
तृतीय भंडारण स्थल पर 6537.6 टन उपखनिज पाया गया, जबकि विभागीय रिकॉर्ड में मात्र 3364.55 टन दर्ज था।
इस प्रकार प्रथम और द्वितीय स्थलों से अवैध उपखनिज परिवहन, जबकि तृतीय स्थल पर अवैध उपखनिज भंडारण की पुष्टि हुई।
₹7.35 लाख का अर्थदंड अधिरोपित
अनियमितताओं के दृष्टिगत उत्तराखण्ड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) (चतुर्थ संशोधन) नियमावली, 2024 के तहत प्रथम स्थल पर ₹32,964, द्वितीय स्थल पर ₹69,561, तृतीय स्थल पर ₹6,33,024 का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार कुल अर्थदंड ₹7,35,549 निर्धारित किया गया है।
15 दिन में सुधार के निर्देश
जिला खान अधिकारी ने बताया कि संबंधित भंडारण संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमानुसार सभी स्थलों पर खनिज भंडारण की ऊंचाई से कम से कम एक मीटर अधिक ऊंची चाहरदीवारी या कवर्ड फेंसिंग का निर्माण कर धर्मकांटा स्थापित करें।
इसकी सूचना फोटोग्राफ सहित 15 दिवस के भीतर भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, चम्पावत को उपलब्ध करानी होगी।
निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में अग्रिम विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।


