पांच साल से अधर में लटका प्रोजेक्ट, जल्द देहरादून को देगा जाम से राहत। DM ने दी चेतावनी
- अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरा करने की डीएम की चेतावनी
देहरादून। राजधानी के सबसे व्यस्त हिस्से सहारनपुर चौक से प्रिंस चौक के बीच जाम से राहत की उम्मीद अब बंधी है। पांच साल से अटका भंडारीबाग रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) प्रोजेक्ट अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय कर दिया गया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने साइट का औचक निरीक्षण कर ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए।
डीएम का कड़ा रुख
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली परियोजना है, इसलिए अब देरी बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कार्यदायी संस्था को चेतावनी दी कि तय समयसीमा में काम पूरा न होने पर जिम्मेदारी तय होगी।
प्रोजेक्ट की क्लोज मॉनिटरिंग के लिए एसडीएम सदर और लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
2013 से अटका सपना
भंडारीबाग आरओबी का ख्वाब वर्ष 2013 में देखा गया था, लेकिन शिलान्यास 2021 में हो सका। मार्च 2023 और मार्च 2024 की दो डेडलाइन गुजर चुकी हैं। फिलहाल केवल भंडारीबाग छोर का काम लगभग पूरा हुआ है, जबकि रेसकोर्स की तरफ सिर्फ पिलर खड़े हैं।
ईपीआइएल बाहर, नई कंपनी को जिम्मेदारी
शुरुआती लेटलतीफी और समन्वय की कमी के चलते कार्यदायी कंपनी ईपीआइएल को जनवरी 2025 में हटा दिया गया। अब नई कंपनी लीशा को अनुबंध देकर चरणवार लक्ष्य तय किए गए हैं—
- 3 माह में 25% प्रगति
- 6 माह में 50%
- 9 माह में 75%
- 12 माह में 100%
अंडरपास और फुटपाथ की सुविधा
संशोधित डीपीआर में रेसकोर्स छोर पर 7 मीटर चौड़ा अंडरपास भी बनेगा। रेलवे लाइन के ऊपर 76 मीटर लंबा स्ट्रिंग ब्रिज तैयार होगा, जिस पर दोनों तरफ फुटपाथ और सीढ़ियां होंगी।
परियोजना पर एक नजर
- लंबाई: 578 मीटर
- मौजूदा लागत: 43 करोड़ रुपये
- मूल लागत: 33.62 करोड़ रुपये
- अब तक खर्च: 17 करोड़ रुपये
- कुल प्रगति: लगभग 60%
क्यों अहम है यह ओवरब्रिज?
यह ओवरब्रिज भंडारीबाग को रेसकोर्स और प्रिंस चौक से जोड़ेगा। इसके बनने से सहारनपुर रोड, गांधी रोड और आढ़त बाजार पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा। साथ ही कारगी चौक व देहराखास क्षेत्र से आने-जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा।



