बिग ब्रेकिंग: उत्तराखंड में मानसूनी बारिश का कहर, पांच जिलों में रेड अलर्ट। चमोली में पुल बहने से कई गॉंवों का संपर्क टूटा

उत्तराखंड में मानसूनी बारिश का कहर, पांच जिलों में रेड अलर्ट। चमोली में पुल बहने से कई गॉंवों का संपर्क टूटा

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। रविवार (31 अगस्त) को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से लेकर भारी बारिश का सिलसिला जारी है।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश में कई जगहों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। पंतनगर में 86 मिमी, डीडीहाट में 75 मिमी, शामा में 52 मिमी, कनालीछीना में 40 मिमी और सौंग में 39 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

आज का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और हरिद्वार जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी है। अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

3 सितंबर तक सतर्क रहने की चेतावनी

मौसम विभाग ने साफ किया है कि मानसून की गतिविधियां तेज होने से पहाड़ी जिलों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। रेड और यलो अलर्ट को देखते हुए राज्य के सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

चमोली में तबाही – निति घाटी का संपर्क टूटा

चमोली जिले में देर रात से जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जोशीमठ–निति घाटी मार्ग पर तमक नाले के पास पुल बह जाने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।

सामरिक दृष्टि से यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि सीमा क्षेत्र तक आवश्यक सामग्री और जवानों की आवाजाही इसी रास्ते से होती है।

पुल टूटने से घाटी के आधा दर्जन गांव पूरी तरह से संपर्क से कट गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक माह से अलग-अलग जगहों पर बार-बार सड़क टूटने से परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

प्रशासन ने मार्ग को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन भारी बारिश और लगातार भूस्खलन के चलते काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।