बिग ब्रेकिंग: हाईकोर्ट में नैनीताल की लेकब्रिज चुंगी और कार पार्किंग मामले पर सुनवाई, नया प्लान तैयार। आप भी पढ़ें….

हाईकोर्ट में नैनीताल की लेकब्रिज चुंगी और कार पार्किंग मामले पर सुनवाई, नया प्लान तैयार। आप भी पढ़ें….

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में गुरुवार को नैनीताल नगर पालिका के लेकब्रिज चुंगी और कार पार्किंग की टेंडर प्रक्रिया के खिलाफ दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई में नगर पालिका की तरफ से बताया गया कि नैनीताल में लेकब्रिज चुंगी और कार पार्किंग के ठेके अब नहीं होंगे। इनका संचालन नगरपालिका ‘स्वयं सहायता’ समूहों की मदद से खुद कराएगी।

उच्च न्यायालय के एक अप्रैल को जारी निर्देशों के क्रम में गुरुवार को नगर पालिका ने लेकब्रिज चुंगी, डी.एस.ए.कार पार्किंग और मैट्रोपोल कार पार्किंग के टेंडर पहले ही निरस्त कर दिए गए हैं।

नगर पालिका अब नैनीताल में आने वाले वाहनों से ‘नैनीताल इंट्री टेक्स’ (नैनीताल प्रवेश शुल्क) नाम से बढ़ा हुआ शुल्क लेगी और शहर में प्रवेश करने वाले तीनों मार्गों में टैक्स वसूली बूथ भी बनाये जाएंगे। इस सम्बंध में नगर पालिका द्वारा पालिका बायलॉज में संशोधन भी किया जाएगा।

लेकब्रिज चुंगी और कार पार्किंग की टेंडर प्रक्रिया के खिलाफ दीवान फर्त्याल, सुमित जेट्टी व ठाकुर इंटरप्राइजेज की ओर से दायर याचिकाओं की गुरुवार को मुख्य न्यायधीश जी.नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दीपक गोस्वामी भी न्यायालय में मौजूद रहे। आज नगर पालिका की ओर से लेकब्रिज चुंगी और कार पार्किंग के संचालन के सम्बंध में नगर पालिका की ओर से विस्तृत जबाव दिया गया।

न्यायालय ने पालिका के जबाव के बाद निर्देश दिया कि नगर पालिका ‘नैनीताल इंट्री टैक्स’ को केवल ‘यू.पी.आई.स्कैनर कोड’ के माध्यम से वसूल करेगी, ताकि चुंगी वसूली बूथों में पैंसे के लेन-देन के कारण अनावश्यक जाम से बचा जा सके।

इस मामले में नगर पालिका की ओर से नैटवर्क में कमी के कारण ऑनलाइन चुंगी वसूली प्रक्रिया में दिक्कत होने का हवाला दिया, लेकिन न्यायालय ने इस दलील को नहीं माना।

शहरी विकास सचिव को निर्देश

सुनवाई के दौरान नगर पालिका की ओर बताया गया कि पालिका में कर अधीक्षक, सफाई अधीक्षक, कर निरीक्षक, सफाई निरीक्षक, लेखाकार, सहायक लेखाकार सहित 8 महत्वपूर्ण पद रिक्त होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है।

जिसपर न्यायालय ने सचिव शहरी विकास से इन पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने नगर पालिका को आज जारी दिशा निर्देशों में आगामी 17 अप्रैल से पूर्व प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इन मामलों की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी ।

शहरी विकास सचिव को ट्रैफिक प्लान के साथ किया तलब

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और बिड़ला रोड में वाहनों के बेतरतीब खड़े रहने के खिलाफ अधिवक्ता श्रुति जोशी की जनहित याचिका की भी न्यायालय ने इसी मामले के साथ सुनवाई की।

नैनीताल में वाहनों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के सम्बंध में खण्डपीठ ने पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ को ट्रैफिक प्लान के ब्यौरे के साथ 17 अप्रैल को कोर्ट में बुलाया है।

खंडपीठ ने अधिवक्ताओं और नैनीताल की प्रबुद्ध जनता से भी शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य बनाने को लेकर सुझाव देने को कहा है।

न्यायालय ने कहा कि ट्रैफिक समस्या के कारण और उसके समाधान के उपाय शपथपत्र के साथ उन्हें दें।